एक लेखक और कवि हूँ।
यहाँ की प्रकृति, नदियों का प्रवाह
और पर्वतों का मौन
मेरी संवेदनाओं को आकार देते हैं।
मेरा लेखन जीवन के सूक्ष्म अनुभवों,
मानवीय भावनाओं और
अस्तित्व से जुड़े प्रश्नों की पड़ताल है।
मैं शब्दों को अलंकरण नहीं,
सत्य की खोज का माध्यम मानता हूँ।
कविता और गद्य—दोनों ही
मेरी अभिव्यक्ति के स्वाभाविक रूप हैं।
मेरे लिए लेखन एक बौद्धिक और आत्मिक अनुशासन है—
जहाँ विचार, अनुभूति और भाषा
एक संतुलित संवाद में उतरते हैं।
यदि मेरी रचनाएँ पाठक को
ठहरकर सोचने का अवसर दें,
तो वही मेरे साहित्यिक प्रयत्न की सार्थकता है।