सहानुभूति

SUDHIR BAMOLA
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सामाजिक कविता हिंदी
Sympathy 

समाज ने एक शब्द गढ़ा

सहानुभूति

संसार के समस्त दिव्यांग 

दर्द से कराह उठे, 

समाज ने दर्द कहा 

वैश्याएं और दमित हँसने लगे, 

जब समाज हँसने लगा 

तो उसकी हँसी ने 

अन्दर तक तोड़ दिया 

व्यवस्था से हारे हुए 

तिरस्कृत लोगों को


---सुधीर बमोला---
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