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| Sympathy |
समाज ने एक शब्द गढ़ा
सहानुभूति
संसार के समस्त दिव्यांग
दर्द से कराह उठे,
समाज ने दर्द कहा
वैश्याएं और दमित हँसने लगे,
जब समाज हँसने लगा
तो उसकी हँसी ने
अन्दर तक तोड़ दिया
व्यवस्था से हारे हुए
तिरस्कृत लोगों को
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