मैं और मेरी किताबें

SUDHIR BAMOLA
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वो बता देती हैं

अपने मन की

सब बातें मुझे

और मैं सुनता रहता हूँ

एक अच्छे दोस्त की तरह

मैं भी बताने लगता हूँ

अपने मन की बातें उन्हें

वो कभी भी मुझसे

गुस्सा,शिकायतें,नाराज़गी

ज़ाहिर नहीं करतीं

और न ही मैं करता हूँ

शायद इसीलिए अच्छे दोस्त हैं

मैं और मेरी किताबें

---सुधीर बमोला---

Hindi Poem, Hindi Ghazal, Best Shayari, कविता, गजल, साहित्य।

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